कोरबा में पुलिस प्रताड़ना के खिलाफ पानी टंकी पर चढ़े दो युवक: हरदीबाजार TI पर बेरहमी से पीटने और ₹23,500 रिश्वत लेने का आरोप, मची अफरा-तफरी

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिसिया प्रताड़ना और घूसखोरी से तंग आकर दो युवक पेट्रोल की बोतल लेकर गांव की पानी टंकी पर चढ़ गए। युवकों का आरोप है कि हरदीबाजार थाना प्रभारी (TI) ने उन्हें रास्ते से उठाकर जानवरों की तरह पीटा और छोड़ने के बदले साढ़े 23 हजार रुपये की रिश्वत ली। दोनों युवक थाना प्रभारी को बर्खास्त करने की मांग पर अड़े हैं और मांग पूरी न होने पर आत्मघाती कदम उठाने की धमकी दे रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल और तहसीलदार सहित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया है और युवकों को समझाने का प्रयास जारी है।

[img-slider id="274450"]

थाने ले जाकर बेल्ट और लाठियों से पीटने का आरोप, जबरन लिखवाया झूठा बयान

मिली जानकारी के अनुसार, पानी टंकी पर चढ़े युवकों की पहचान ग्राम नेवसा निवासी रफीक मोहम्मद (22 वर्ष) और दीपेश निर्मलकर (23 वर्ष) के रूप में हुई है। युवकों का आरोप है कि मंगलवार को हरदीबाजार पुलिस ने उन्हें ग्राम सिरली के पास से जबरन उठाया था। उन्हें थाने ले जाकर “तुम लोग जुआ फड़ चलाते हो” कहकर लाठी-डंडों और बेल्ट से बेरहमी से पीटा गया। चोटों को छिपाने के लिए पुलिस उन्हें दीपका ले गई और वहां दबाव बनाकर जबरन यह लिखवाया गया कि ‘वे भागते समय गिर गए थे, जिससे उन्हें चोटें आईं।’ युवकों का कहना है कि पुलिस ने उन्हें छोड़ने के एवज में ₹23,500 की रिश्वत भी वसूली। जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई के बाद जब उन्हें छोड़ा गया, तो इस अपमान और प्रताड़ना से नाराज होकर गुरुवार सुबह दोनों पेट्रोल लेकर पानी टंकी पर चढ़ गए।

ग्रामीणों का आरोप: घरों में घुसकर गुंडागर्दी कर रही पुलिस, 4 दिन से ग्रामीण लापता

इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि हरदीबाजार पुलिस जबरन लोगों के घरों में घुसकर उन्हें उठा रही है। इसी मामले में गिरफ्तार अनवर अली की पत्नी शफीना बेगम ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मंगलवार को पुलिस उनके पति को घर से उठाकर ले गई थी। अगले दिन पुलिसवाले दोबारा आए और उल्टे पति के बारे में पूछने लगे, जबकि वे खुद ही उन्हें लेकर गए थे। शफीना का कहना है कि पिछले 4 दिनों से उनके पति का कोई अता-पता नहीं है और इसके लिए सीधे तौर पर हरदीबाजार पुलिस जिम्मेदार है।

TI प्रमोद कुमार डनसेना ने आरोपों को बताया निराधार, कहा- वैधानिक कार्रवाई की गई

इधर, इस पूरे हाईप्रोफाइल ड्रामे और गंभीर आरोपों पर हरदीबाजार थाना प्रभारी (TI) प्रमोद कुमार डनसेना ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत बताया है। थाना प्रभारी का कहना है कि ये दोनों युवक क्षेत्र में अवैध रूप से जुआ फड़ संचालित करते हैं। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने इन्हें जुआ खेलते हुए रंगे हाथों पकड़ा था, जिसके बाद इनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं (धारा 151) के तहत वैधानिक कागजी कार्रवाई की गई है। पुलिस की कार्रवाई से बचने और दबाव बनाने के लिए यह हथकंडा अपनाया जा रहा है।

मौके पर डटा प्रशासन, युवकों को नीचे उतारने की कवायद जारी

फिलहाल, ग्राम नेवसा में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पानी टंकी के नीचे भारी संख्या में पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ जमा है। तहसीलदार और पुलिस के आला अधिकारी लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार रफीक और दीपेश को समझाइश दे रहे हैं और उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाकर सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिशों में जुटे हैं। समाचार लिखे जाने तक दोनों युवक टंकी पर ही डटे हुए हैं।

Back to top button